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What is Internet in Hindi

इंटरनेट  दुनिया  की सबसे ज्यादा इस्तेमाल की  जाने वाली  सेवाओं में  से  एक  है | जैसा की   हम सब जानते है एक भारत में जिओ के आने से दुनिया भर में भारत इंटरनेट उपभोगताओं के मामले में दूसरे स्थान  पर आ गया है | पर क्या आप जानते है हम में से अब भी ९०% से अधिक लोगों को यह नहीं मालूम की  हम   इंटरनेट के एक हिस्से   का उपयोग  करते है  जिसे वेब  है | वेब और  इंटरनेट में बहुत ज्यादा अंतर है।  पर इस ब्लॉग में हम केवल इंटरनेट के बारे में बात करेंगे की इंटरनेट के है और यह कैसे काम करता है।  तो चलिए आज का ब्लॉग शुरू करते है:-

इंटरनेट का अर्थ क्या है? What is Internet in hindi 

इंटरनेट बहुत सiरे नेटवर्क के समूह को कहा जाता है। इंटरनेट में कई कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा जाता है। इन कंप्यूटरों को रॉउटर और सर्वर के माध्यम से जोड़ा जाता है। आजकल तो किसी भी इंटरनेट आधारित उपकरणों को इंटरनेट से आसानी के साथ जोड़ा जा सकता है। आसान  शब्दों में कहा जाए तो इंटरनेट के ऐसा नेटवर्क है जिसके माध्यम से आप दुनिया के किसी भी कोने सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकते है। इंटरनेट एक protocol  पर काम करता है जिसे हम TCP/IP Protocol के नाम से जानते है। यह protocol दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है। इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क माना जाता है। 

इंटरनेट कब बना? History of internet in hindi 

इंटरनेट का आविष्कार सन १९६० में शीत युद्ध के दौरान हुआ था।  उस समे इसका इस्तेमाल गुप्त सूचनाओं का तेज गति से आदान प्रदान करने के लिए किया जाता था।  उस समे ऐसी कोई तकनीक नहीं थी। इसलिए इस जरुरत को पूरा करने के लिय इंटरनेट का आविष्कार किया गया। इंटरनेट के इतिहास को थोड़ा और करीब से जानते है :-

इन्टरनेट की खोज किसने की?

यदि बात की जाए की इंटरनेट का जनक कोनसा देश है तो इसमें शक की बात नहीं है की वो देश यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़  अमेरिका है।  शीत युद्ध के दौरान अमेरिकी रक्षा विभाग अमेरिका के रक्षा विशेश्यग लियोनार्ड क्लेरॉक नै इंटरनेट की खोज इसलिए की ताकि सेना गुप्त सूचनाओं का आदान प्रदान तेज गति के साथ कर सके। इसका मतलब यह है की इंटरनेट का आविष्कार USA की सेना के लिए किया गया था।

इंटरनेट बनाना किसी अकेले  इंसान के बस की बात नहीं थी इस काम में लियोनार्ड क्लेरॉक का साथ MIT के वैज्ञानिक J.C.R. Licklider और रोबर्ट टेलर (Robert Taylor) ने दिया था।   शुरुआती दौर में इंटरनेट को Galactic Network के नाम से जाना जाता था।  कुछ समय बाद सन 1965 में MIT के वैज्ञानिक न ने Packet Switching नाम की तकनीक का आविष्कार किया था।  इस तकनीक में डाटा को बॉक्स या पैकेट में तोड़ कर ट्रांसफर किया जाता है और यह तकनीक आज भी इंटरनेट का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। 

जैसा की मेने आपको ऊपर ही बताया है। इंटरनेट की खोज अमेरिकी रक्षा विभाग के ले की गई थी। इस वजह से इंटरनेट का सबसे पहला इस्तेमाल भी अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा की गई थी। इसके लिए उन्होंने Advance Research Projects Agency स्थापित की थी इसी वजह से इंटरनेट ARPANET के नाम से जाना जाने लगा। इसके ले उन्होंने NCP यानि कि (Network Control Protocol) का इस्तेमाल किया था।

ARPANET का धीरे-धीरे विस्तार किया गया सबसे पहली सन १९६९ के अंत तक इस नेटवर्क मे ४ कम्प्यूटर्स जोड़े गए और उसके बाद तो सन १९७० तक इसका लगातार विस्तार होता चला गया। सन   1971 में, इसने University of Hawaii के ALOHAnet को जोड़ा और दो साल बाद इसने लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज और नॉर्वे के रॉयल रडार प्रतिष्ठान में नेटवर्क को जोड़ा गया 

इन्टरनेट का जनक : Father of Internet in Hindi

विंट सर्फ (Vint Cerf) नाम के एक कंप्यूटर वैज्ञानिक ने १९७० दशक के अंत तक एक ऐसी तकनीक का आविष्कार कर लिया था, जिसे आज हम TCP प्रोटोकॉल के नाम से जानते है। इसके  माध्यम से कंप्यूटर एक दूसरे से  जानकारी आसानी के साथ साझा कर सकते है। विंट सर्फ (Vint Cerf) को इंटरनेट का जनक कहा जाता है।

सन 1974 में विंट सर्फ (Vint Cerf) और रोबर्ट ई. काहन (Robert E. Kahn) ने एक पेपर प्रकाशित किया जिसे “The Fathers Of The Internet” के नाम से जाना गया। इसी रिसर्च पेपर को प्रकाशित करने के कारण Vint Cerf को इन्टरनेट का जनक कहते है

इंटरनेट के कार्य क्या है ?

इंटरनेट हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। कम्युनिकेशन से लेकर ऑनलाइन खाना आर्डर करने तक इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है। Lockdown के बाद तो जैसे इंटरनेट हमारे के सबसे ज्यादा जरूरी सेवा बन गई। अब तो इसका सबसे ज्यादा उपयोग ऑनलाइन शिक्षा देना के ले किया जा रहा है। इंटरनेट ने ना केवल हमारी जीवनशैली को सरल बना दिया है, बल्कि उसके साथ ही कुछ समस्याओं को भी जन्म दे दिया है। इंटरनेट के उपयोग है:-

  • मनोरंजन के लिए
  • बैंकिंग के लिए
  • किसी भी डॉक्यूमेंट को मेल के माध्यम से ट्रान्सफर करने के लिए
  • आपस में बातचीत करने के लिए
  • नए दोस्त बना सकते है
  • online पढाई कर सकते है
  • घर बैठे शोपिंग कर कर सकते है
  • न्यूज़ पढ़ सकते है
  • मोबाइल, बिजली, phone का बिल जमा कर सकते है
  • बिज़नस के प्रचार प्रसार के लिए
  • विज्ञापन के लिए
  • किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इत्यादि

इन्टरनेट कैसे काम करता है? Internet kese kaam krta hai

आप सब को ऐसा लगता होगा की दुनियाभर का इंटरनेट satellite के माध्यम से चलता होगा। पर यह सच नहीं है दुनिया की केवल १०% इंटरनेट ही satellite के माध्यम से चलाया जाता है और यह इंटरनेट बहुत ज्यादा सिक्योर होता है जिसे आम आदमी  इस्तेमाल  नहीं कर सकता यह इंटरनेट दुनिया के कुछ देश ही उपयोग करते है जिनके पास अपनी खुद की satellite है। अब यह प्रशन आता है की दुनिया का ९०% इंटरनेट कैसे काम करता है। दुनिया का का ९०% इंटरनेट Opticle Fibres Cable के  माध्यम से  काम करता है इन Opticle Fibres Cable को सबमरीन केबल भी कहा जाता है। चलिए  इसे थोड़ा   विस्तार से समझते हैं :-

हमारे द्वारा उपयोग किया जाने वाला इंटरनेट ३ चरणों मे विभाजित होता है।  जिसे हम टियर १ टियर २ और टियर २ के नाम से जानते है. 

टियर १ में ऐसी कंपनियां आती है जिन्होंने समुद्र के नीचे ऑप्टिकल फाइबर केबल का नेटवर्क फैलाया हुआ है। यह कंपनियां विदेश की कंपनियों के साथ संपर्क में होती है और एक निश्चित दुरी के बाद ऑप्टिकल फाइबर केबल को दूसरे देश की कंपनियों के साथ जोड़ देती है। इन्ही केबल के माध्यम से दुनियाभर के सर्वर एक दूसरे से कनेक्ट रहते है।

टियर २ में ऐसे कंपनियां आती है जिन्होंने डाटा सेंटर्स के पास अपने टावर  इनस्टॉल किये हुए होते है। ये कंपनियां हमने वायरलेस और वायर्ड दोनों प्रकार के इंटरनेट उपलबध करवाती है। टियर २ में आने वाली कुछ कंपनियां एयरटेल , VI , और जिओ है. 

टियर ३ में लोकल एरिया की छोटी कंपनियां आती है। जो की अपना डाटा डायरेक्ट टियर १ की कंपनी से खरीदती है। टियर ३ की  कंपनियां वायरलेस इंटरनेट उपलब्ध नहीं करवाती। इसके लिए आपको वायर्ड कनेक्शन ही लेना होता है।  लोकल एरिया के इंटरनेट का खर्च टियर २ की कंपनी से कम होता है।

हमने क्या सीखा ?

जैसा की हमने इस ब्लॉग में देखा की इंटरनेट क्या होता है, इसकी शुरुआत कैसे हुई यह कैसे काम  करता है और Types of internet in Hindi। इंटरनेट के कई तरह के प्रकार भी होते है। जो की हम किसी दूसरे ब्लॉग में जानेंगे। उम्मीद है की आपको अच्छे से समझ आ गया होगा की इंटरनेट वास्तव में क्या है और इसकी किसी साधारण इंसान के लिए क्या सीमाएँ है। अंत में ये ही बोलना चाहेंगे की इंटरनेट का इस्तेमाल अपने मनोरंजन और नॉलेज के ले करे, आने वाले ब्लॉग में हम आपको यह भी बताएंगे की इंटरनेट का सावधनी से कैसे इस्तेमाल करे।  धन्यवाद अपने सुझाव निचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करे।

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